Tuesday, 11 November 2014

Doga Biography

●●●● DOGA ●●●●

Publisher~Raj Comics

उत्पत्ति ~ सूरज एक अनाथ बच्चा था जोकि डाकू हलकन सिंह को शिशु के तौर पर मिला। हलकन एक दुष्ट और क्रूर डकैत था जो सूरज का इस्तेमाल पुलिस की रेड से बचने के लिए और लाशों को ठिकाने लगाने के लिए करता था। वो सूरज के साथ कुत्तों जैसा व्यवहार करता था और उसे कुत्ता कहकर ही बुलाता था,,इतनी अपार यातनाओं से पीड़ित बच्चे की आत्मा मर चुकी थी,,जानवारों की भाँति किये व्यवहार के कारण वो भी जानवर ही बन चूका था,,इतने दर्द सहने के बाद उसका शरीर लगभग दर्दहीन हो चूका था।और एकदिन हलकन की कैद में एक और शक्श शामिल हो गयी उस बच्ची का नाम था सोनिका जिसे वो प्यार से सोनू बुलाता था,,सूरज का तब कोई नाम नहीं था उसीने उसका नामांकरण किया और उसे सूरज नाम दिया।सूरज को उससे हमदर्दी थी इसीलिए वो उसके साथ हलकन की कैद से भाग निकला लेकिन सोनू उससे हमेशा के लिए खो गयी।वहाँ से निकलने के बाद उसने पुलिस को हलकन सिंह के अड्डे की जानकारी दे दी और पुलिस ने हलकन के सारे आदमियों को मौत के घाट उतार दिया लेकिन हलकन वहाँ से फरार हो गया। अब सूरज का एक ही मकसद था एक ऐसा सामर्थ्य पाना जिससे वो हलकन से सोनू के मौत का प्रतिशोध ले सके,,जिसके लिए वो मुंबई भाग गया मुंबई में पहले उसने एक "पापे दा ढाबा" पे काम करना शुरू किया जहाँ उसे रत्ती भर इज्जत नहीं मिलती थी वहाँ भी वो कुत्ता कहकर ही बुलाया जाता था,,एक दिन उस ढाबे पे लायन जिम के और किलर जिम के लोगों में लड़ाई हो गयी जिसमे गलती किलर जिम वालों की ही थी,,किलर जिम वालों को मुह की खानी पड़ी। लायन जिम के आदमियों का अद्भुत युद्ध प्रदर्शन देख सूरज ने ठान ली की वो भी लायन जिम का सदस्य बनेगा।

सुरज ने लायन जिम के मुख्य अदरक चाचा से याचना की कि उसे अपना शिष्य बनाए पर उन्होंने अस्वीकार कर दिया लेकिन उन्होंने उसे जिम में साफ़ सफाई करने के लिए रख लिया।अदरक चाचा जो ज्ञान अपने शिष्यों को देते थे वो सब सूरज बड़े ध्यान से सुनता था और जब सारे शिष्य चले जाते थे तब वो चुपके से उनके जिम में एक्सरसाइज करता था अदरक ने उसे ऐसा करते देखा तो उन्हें दया आई और उन्होंने सूरज को उनके लायन जिम में एक्सरसाइज करने की अनुमति दे दी,,जिसने उसके मसल्स मजबूत और शरीर सुगठित करने में मदद की। अदरक के भाई हल्दी ने उसे मार्शल आर्ट्स की,,धनिया ने बॉक्सिंग की,,और कालिमिर्ची ने उसे सारे हथियारों तथा वाहनों को चलाने की ट्रेनिंग दी।

अगले महीने बॉडी बिल्डिंग की प्रतियोगिता थी और हर बार किलर जिम ही जीतती आई थी लेकिन इस बार लायन जिम की जितने की उम्मीद ज्यादा थी ये बात किलर जिम वालों की आँखों में गडी हुई थी जिनका सरगना था "कीलोटा" । उन्हें वो लायन जिम के प्रतियोगियों की लिस्ट किसी भी हाल में चाहिए थी जो अदरक चाचा ने सूरज को जमा करने के लिए दी थी। कीलोटा के चमचों का सरदार "बोटी" अपने आदमियों के साथ हथियारबंद लायन जिम पहुचा और लायन जिम के सभी सदस्यों का सीना छलनी कर दिया उसने जिनमे अदरक चाचा भी शामिल थे लेकिन अदरक चाचा मृत्यु की अवस्था में नहीं थे ,,जब किलर जिम वालों को ये पता चला की वो लिस्ट सूरज के पास है तो उन्होंने सूरज को घेर लिया और उसपर गोलियां बरसायीं लेकिन इसबार उनका वार बेकार था क्युकी अपनी रक्षा हेतु सूरज ने अपनी इनफील्ड बाइक ही उठा ली और उनपर फेक दी,,और उनसबों को बुरी तरह पीटा और उन्हीके बंदूकों से उन्हें अपाहिज बना डाला। जिम वापिस आकर उसने अदरक चाचा को हस्पताल में भरती किया और फिर जिम वापिस आके उसने एक पोशाक बुनि क्युकी जो वो अब करने वाला था वो गैरकानूनी था और कानून के हित में भी था,,बचपन से ही पाप और आतंक देखने वाले ने उस दिन पाप का सर्वनाश करने की ठान ली थी और वो बन गया "डोगा" । डोगा बनने के बाद उसने अपने सारे प्रतिशोध ले लिए और एक जुर्मरहित समाज की स्थापना में जुट गया,,और लोग उसे "मुंबई का बाप" भी कहने लगे।

शक्तियाँ,,क्षमताएँ और गुण ~

Height - 6'5 (195 cm)
Weight - 94 kg (209 lbs)
Eyes - Black
Hair - Black

अपार भौतिक ताकत और सहनशक्ति,,

कई प्रकार के युद्ध कलाओं में निपुण जैसे बॉक्सिंग,,कराटे,,ब्लैक पेप्पर इत्यादि

खुदपर चल रही गोलियो से बचने की ब्लैक पेप्पर कला।

एक माहिर शूटर जिसके शत्रागार में ढेरों हथियार मौजूद हैं।

बचपन से ही कोई साथी ना होने के कारण उसने कुत्तों से यारी कर ली और वो भी इतनी घनिष्ट मित्रता की वो उनकी भाषा तक बोल और समझ सकता है,,दुनिया का कोई भी कुत्ता नहीं जो उसे देखते ही उसका दोस्त ना बन जाए और उसका कहना ना मानने लगे,,कुत्तों के जरिये वो मुजरिमों का पता लगाता है और उन्हें अपराधियों को नोच खाने का अदेश भी दे सकता है।

गज़ब की फुर्ती और एक तेज दीमाग जिससे दुश्मनों की चालो को पता करके उन्हें नाकाम कर देता है और पुलिस से भी बच जाता है।

उसका शारीरिक बल जिम में की हुई एक्स्ट्रा वर्कआउट का नतीजा है। बाकी सुपरहीरोज की तरह उसमे कोई सुपर ल नेचुरल शक्ति नहीं वो एक साधारण इंसान है जिसे असाधारण उसका जुनून,,जज्बा और ताकत बनाती है।
वो सबसे शक्तिशाली हीरो है अगर अन्य किसी असाधारण शक्ति को नकार दिया जाए तो।

डोगा के नाम के पीछे कुत्तों के अलावा एक और रहस्य भी है,,एक कॉमिक में उसके नाम के फुल फॉर्म का भी विवरण है ~

Lion (D)Den,,
Lion (O)Occult,,
Lion (G)Gym,,
Lion (A)Aim.

Lion Den में डोगा ने हल्दी के सानिध्य में मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली।

Lion Occult में डोगा ने धनिया के सानिध्य में बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ली।

Lion Gym में उसने अदरक चाचा के सानिध्य में जिम कर अपने शरीर को बलिष्ठ और सुगठित बनाया।

Lion Aim में उसने कालीमिर्च के सानिध्य में हथियारों की ट्रेनिंग पायी।

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Bhediya Biography

[Bheriya/भेड़िया]

Publisher-Raj Comics

Creator-Dheeraj Verma

उत्पत्ति ~ करीबन 50 हज़ार वर्षों पूर्व एक वुल्फ़ानो नामक साम्राज्य हुआ करता था जिसमे आज की तुलना से अत्यंत विकसित भेडिये रहा करते थे जिनका शारीरिक ढाँचा और चाल चलन लगभग इंसानों की तरह ही था परन्तु वो इंसानों से अत्यंत शक्तिशाली थे।उनके राजा का नाम था वुल्फा जो कोंकणी की राजकुमारी सुर्वया को पसंद करता था जोकी मानव थी।वुल्फा ने छल से सुर्वया से विवाह कर लिया और उन दोनों का एक पुत्र हुआ जिसका नाम पड़ा कोबी।कोबी अपने आप में अनोखा था,,उसमे मानव की तीक्ष्णता भी थी और भेडिये की बेमिसाल ताकत भी उसके जैसा पुरे वुल्फानो में कोई भेडीया नही था....वो मानव-भेड़िया था।

अंततः सुर्वया वुल्फा की चाल समझ जाती है फलस्वरूप वो कोबी और वुल्फा को छोड़कर मोरागाह के राजा से विवाह कर लेती है।कोंकणी का राजा कोंकण वुल्फानो और उसकी प्रजाति को नष्ट कर देता है....पर वुल्फानो के रक्षक गुरु भटीकी कोबी को किसी तरह से बचा लेते हैं.....और उसे अपना शिष्य बनाकर अपनी अद्भुत शिक्षा प्रदान करते हैं और उसे दिव्य आभूषण और एक प्रलयंकारी गदा प्रदान करते हैं....भटीकी की अतुल्य युद्ध कलाओं को सीखकर कोबी एक शक्तिशाली योद्धा बनता है।भोकाल भी भेड़िया का गुरु है भोकाल ने भी कई एहेम कलाएँ भेड़िया को सिखाई हैं।
कोबी के वयस्क होने पर वो और उसके पिता सुर्वया के पास जाते हैं लेकिन सुर्वया क्रोधित हो उठती है और इसी क्रोधाग्नि में वो कोबी को श्राप देती है जिससे कोबी एक स्वर्ण मूर्ति में परिवर्तित हो जाता है।

लगभग 50 हज़ार वर्षों बाद श्राप के टूटने पर वो खुद को असम के जंगलों में पाता है।अतः वो अपनी नये जीवन की शुरुवात अपने नए नाम भेड़िया से करता है।वो ऊँचे कद-काठी का,,लाल/भूरे बालों वाला,,चमकदार आँखों वाला और लम्बी पूँछ वाला भेड़िया-मानव है जो जंगल के सभी जीवों से पुर्णतः भिन्न है जो जंगल की और जंगल के निवासियों की रक्षा करता है वो जंगल में संतुलन बनाए रखता है और जंगल के निवासी उसे भेड़िया देवता कहकर संबोधित करते हैं और जंगल का जल्लाद भी उसका एक शीर्षक है।

भटिकि कोबी को पुनः वुल्फानो और उसके समय में भेजने की कोशिश करते हैं लेकिन वो ऐसा करने में विफल होते हैं और ऐसा करने का दुष्परिणाम भी उन्हें प्राप्त होता है जिससे कोबी के शरीर के दो हिस्से हो जाते हैं जिसमे उसका मानव भाग भेड़िया के रूप में अलग हो जाता है जिसमे फोबोस उर्जा है और भेड़िया भाग कोबी के रूप में अलग हो जाता है जिसमे मोबोस उर्जा है।मोबोस और फोबोस चन्द्रमा के उपग्रह हैं जिनकी शक्ति से भेड़िया और कोबी एक शरीर से अलग हुए और उनका अलग होना और एक होना तभी सम्भव है जब सारे ग्रह एक सीध में हों[भेड़िया और कोबी कई बार एक और अलग हुए हैं] । और इसी बीच कोबी जो भेड़िया भाग है उसका जेन से विवाह हो जाता है और इसी बंधन के कारण कोबी जंगल छोड़कर कहीं जा नही पाता वो भी जंगल में ही रहता है।कोबी अपनी मनमानी करने वाला,,निर्दयी एवं मन्बुद्धि वाला भेड़िया है जो अक्सर जंगल के जानवरों पर जुल्म ढाता है।वहीं दूसरी ओर मानव होने के कारण भेड़िया एक अच्छी सूझ-बुझ वाला और एक अच्छी विचारधारा वाला व्यक्ति है।कोबी और भेड़िया में अक्सर झगडे होते रहते हैं कभी जेन को लेकर,,कभी कोबी की उद्दंडता को लेकर।
वन के आदिवासी भेड़िया की जय जय कार करते हैं और उसे भेड़िया देवता कहते हैं वही दूसरी ओर वे कोबी से भयभीत रहते हैं क्युकी दीमाग सटकने पर कोबी उनकी भी मरम्मत करता है।
लेकिन कोबी भी जंगल की रक्षा करने से पीछे नहीं हटता क्यूँकी जंगल पर किसी और की हुकूमत हो ये उसे मंजूर नहीं।

भेड़िया[कोबी+भेड़िया]~~
Height/कद - 8 Feets
Weight/वजन- 154 kg.

कोबी[भेड़िया का भेड़िया भाग]~~
Height/कद - 8 Feets
Weight/वजन- 138 kg

भेड़िया[भेड़िया का मानव भाग]
Height/कद- 6 Feet 6 inches
Weight/वजन- 122 kg

शक्तियाँ और क्षमताएँ~~

गदा ~ भेड़िया के पास गुरु भटिकि द्वारा दी हुई भेड़िया देवता की प्रलयंकारी गदा है....जिसके प्रहार से वृक्ष घास-फूस की तरह जड़ से उखड जाते हैं उसके गदा की प्रहार से हाथी,,गैंडे जैसे जीव हवा की सैर करते हैं इससे भेड़िया और कोबी ने कई दैत्यों को मौत की नींद सुलाई है।ये गदा भेड़िया पर प्रहार हुई उर्जाओं को अवशोषित/Absorb कर लेती है जिससे कोबी को नुक्सान नहीं पहुँचता।भेड़िया की इस गदा को उठाना किसी भी साधारण प्राणी के बस में नहीं।जरुरत पड़ने पर भेड़िया"हे भेड़िया देवता मदद" चिल्लाता है और ये गदा उसके हाथ में प्रकट हो जाती है।

पूँछ ~ भेड़िया की पूँछ कितनी भी लम्बी हो सकती है....वो अपने पूँछ में शत्रुओं को लपेटकर उनकी हड्डियाँ चूर कर सकता है।उसकी पूँछ उसके लिए जंगल में यातायात का सबसे तीव्र माध्यम है।कटने पर उसकी पूँछ पुनः ठीक हो जाती है।

महामानव ताकत ~ भेड़िया के पास अपार बहुबल है....दिव्य कड़ा मिलने के पहले भी भेड़िया में इतनी शक्ति थी की वो भेड़िया देवता की गदा को उठा सकता था लेकिन उसेसे वो युद्ध करने मव असमर्थ था....जिसे बिना दिव्य कड़े के उठाना किसी साधारण प्राणी के बस में नहीं और कड़ा मिलने के बाद उसका बाहुबल और भी बढ़ गया।वो जंगल के मजबूत पेड़ उखाड़ देता है,,वो बिना गदे के ही जंगल के किसी भी जानवर को चुनौती दे सकता है और उसे परास्त भी कर सकता है।उसके एक घुसे से हाथी और गैंडे जैसे जीव मुर्छित और घायल हो जाते हैं।

भेड़िये ~ जंगल के सारे भेड़िये उसके गुलाम हैं....भेडियों को पुकारने के बाद एक बड़ी तादात में भेड़िया फ़ौज उसके समक्ष उपस्थित हो जाती है।ये भेड़िये भेड़िया की हर आज्ञा का पालन करते हैं और शत्रुओं की बोटियाँ नोच डालते हैं।

अन्य ~ भेड़िया के लम्बे नाख़ून और दांत घातक चीर फाड़ में समर्थ हैं,,भेड़िया के पास लम्बे कान हैं जो काफी दूर तक की आवाजों को भी सुन लेते हैं,,भेड़िया होने के नाते उसको गंधों की पहचान है वो शत्रु को दूर से ही सूंघकर सतर्क हो जाता है....भेड़िया काफी ऊँची छलाँगे मार सकता है अतः भेड़िया होने के नाते उसके पास एक भेडिये की सारी खूबियाँ हैं।

दिव्य आभूषण--

भेड़िया को ये सारे दिव्य आभूषण गुरु भटिकि ने दिए हैं जो निम्न हैं~

कंठ माला ~ ये माला वो अपने गले में धारण करता है और इसी के जरिये भेड़िया देवता का आह्वाहन[भेड़िया देवता मदद] करने पर प्रलयंकारी गदा उसके हाथ में प्रकट होती है बिना इसके ऐसा करना असम्भव है।

कड़े ~ भेड़िया देवता की गदा को उठा पाना किसी भी साधारण प्राणी के लिए असम्भव है....प्रसिक्षण के दौरान भेड़िया गदा को उठा तो लेता था लेकिन उससे युद्ध करने और उसे चला पाने में असमर्थ था इसीलिए भेड़िया ने अपने हाथों में दिव्य कड़े धारण किये जो उसे गदा उठा पाने का पर्याप्त बाहुबल प्रदान करते हैं और इसके कारण भेड़िया और भी शक्तिशाली हो गया।भेड़िया का मानव रूप यानी भेड़िया गदा को नहीं उठा सकता लेकिन कोबी जो भेड़िया का भेड़िया भाग है उसके पास सारे आभूषण होने के कारण वो भेड़िया की सारी शक्तियाँ इस्तेमाल करने में समर्थ है।

कमर पट्टिका ~ इस कमर पट्टिका के जरिये भेड़िया के घाव तुरंत भर जाते हैं।और ये जहर और विषाणुओं को भी ख़त्म कर देता है जिससे भेड़िया निरोग और स्वस्थ रहता है।इसकी परावर्तन शक्ति के द्वारा कोबी पर प्रहार हुई उर्जायें परावर्तित/Reflect हो जाती हैं।

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