Monday, 1 December 2014

Bhokal Biography

Bhokal [भोकाल]

Wikipedia-Bhokal

Publisher~Raj Comics

उत्पत्ति~परीलोक,,जहाँ हमेशा चैन और शान्ति ही दिखती है जहाँ कभी भी किसी भी प्रकार के शस्त्रों/अस्त्रों का प्रयोग करना वर्जित है जो स्वर्ग समान है लेकिन एक दिन राक्षसराज बोझ और भरकम वहाँ खून की नदियाँ बहा देते हैं चारो तरफ सिर्फ खून ही खून दिखता है वे निर्दयी दैत्य परीलोक के राजा खजानदेव को मार देते हैं और परीरानी ओसिका का अपहरण कर के बाकी परियों के साथ लेकर चले जाते हैं[उन्हें परियों का मांस प्रिय है ] ये सारा भयावह दृश्य परीलोक के राजा रानी का पुत्र आलोप देखता है और प्रतिशोध की ज्वाला में जल उठता है वो इन दैत्यों पर वार करने की कोशिश भी करता है लेकिन एक बालक भला क्या था उन दैत्यों के समक्ष।
इसी बीच वो परीलोक के रक्षक महाशक्तिशाली भोकाल के पास जाता है पर वो दृश्य देखकर हैरान हो जाता है....दैत्यों ने उन्हें छल से अपाहिज कर दिया होता है [तब वो समाधि में बैठे थे जब दैत्यों ने उनपर प्रहार किया] वो आलोप को अपने पास बुलाते हैं और उसे अपनी अद्वितीय तलवार और ढाल प्रदान करते हैं वो तलवार को अपने हाथ में लेकर उसमे से निकली चिंगारी से आलोप के हाथ पर एक निशान बनाते हैं। और कहते हैं की " पुत्र जब भी तुम मेरा नाम पुकारोगे। यह तलवार,ढाल व कवच और यह शक्ति दान स्वरुप तुम्हे मिल जाएगा। पुत्र आलोप! इस अजेय तलवार का धारक खुद ब खुद तलवारबाज बन जाता है,,मेरी फ़िक्र तुम ना करो।मेरा समय पूरा हो चूका है और जब तुम मुझे पुकारोगे तब मेरी ही आत्मा तुममे आ जाएगी और आज से तुम्हारा नाम होगा भोकाल " भोकाल की शक्ति और अपार बाहुबल के साथ वो प्रतिशोध लेने के लिए पुर्णतः तैयार हो जाता है भोकाल उसे बताते हैं की वो दैत्य तिलिस्मी ओलम्पाक नामक एक जाल में है जिसे खजुरा ने बनाया है और उसमे जाने का मार्ग सिर्फ एक ही है और वो है दुष्ट फुचांग द्वारा रचित खौफनाक खेल में अद्भुत प्रदर्शन दिखा कर चुने जाना क्युकी सिर्फ वही किसी को तिलस्मी ओलम्पाक नामक भयावह व्यूह में भेज सकने की ताकत रखता है जो उसने पाप और हिंसा करके प्राप्त की है। भोकाल खौफनाक खेल में अपने से पचास गुना बड़े राक्षस को हराकर अद्भुत प्रदर्शन दिखाता है और तिलिस्मी ओलम्पाक में चुना जाता है उसके साथ ही साथ सुतान,,अतिक्रूर,,तुरीन और उसकी मायावी बिल्ली कपाला भी भाग लेते हैं लगभग उन सभी का प्रतिशोध तिलिस्मी ओलम्पाक में ही छीपा रहता है।
वे सभी अत्यंत कठिन बाधाओं का सामना करते हैं और अंततः वहाँ की आखिरी बाधा ओलम्पाकराज का वध भोकाल तथा बाबा गाजोबाजों द्वारा होता है...गाजोबाजो भोकाल तथा अन्य प्रतिभागियों के सामने फुचाँग तथा उसके षड्यंत्रो का पर्दाफाश करते हैं.....
अंततः गाज़ोबाजो द्वारा भोकाल को उसकी माँ का पता चल ही जाता है और वो फुचाँग से युद्ध करता है लेकिन फुचाँग भोकाल को छल से मारने की चेष्ठा करता है लेकिन भोकाल की माँ उसका वार खुद पर ले लेती हैं और उनकी मृत्यु हो जाती है क्रोधवश भोकाल फुचाँग को मार देता है हालाँकि आगे आई कई कॉमिक्स में फुचाँग की वापसी भी होती है।

शक्तियाँ और काबिलियत~~

भोकाल अपने महागुरु भोकाल की शक्ति को बुला सकता है।। युद्ध में " भोकाल " चिल्लाने से उसके अंदर महामानव के गुड आ जाते है जिनमे अपार बाहुबल और अन्य शक्तियाँ सम्मिलित हैं।।

उसके पास महागुरु भोकाल की अद्भुत तलवार और ढाल है।।।उसकी तलवार लगभग किसी भी चीज़ को काट
सकती है वो उसके समय का सर्वश्रेष्ठ हथियार है।। उसकी तलवार ज्वाला शक्ति निकाल सकती है जो किसी भी चीज़ को कुछ सेकण्ड्स में जलाकर राख कर सकती है ।।।

भोकाल की ढाल किसी भी भौतिक या असाधारण[ Supernatural ] वार को आसानी से रोक सकती है।।भोकाल अपनी ढाल के सहारे उड़
भी सकता है।।।

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SUPERHEROES CLASH

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